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भोपाल : विक्रमादित्य कालेज में स्व. श्री लक्ष्मणराव इनामदार जन्म शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में सहकार भारती द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ।

श्री आदित्य नारोलिया चेयरमेैन, विक्रमादित्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट की अध्यक्षता में सम्पन्न हुये कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. रविन्द्र कान्हेरे, कुलपति, मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्‍वविद्यालय, भोपाल, मुख्य वक्ता डॉ. उदय जोशी, राष्ट्रीय महामंत्री सहकार भारती, विशेष अतिथि श्री विष्णु वोवडे, श्री शिवनारायण पाटीदार, प्रदेश अध्यक्ष सहकार भारती, म.प्र. की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

मुख्य अतिथि द्वारा माँ सरस्वति की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर व्याख्यान कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। सहकारिता आन्दोलन में समाज के निम्न, मध्यम, वंचित, पिछड़े समाज के स्थायी विकास की असीम क्षमता है, यह व्यवसाय की विकेन्द्रित प्रजातांत्रिक प्रक्रिया है, भारत में सहकारिता ने दुग्ध, खाद, क्रेडिट, पैक्स, हाउसिंग, बुनकर, मत्स्य जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट स्थान बनाया है। आवश्यकतानुसार इसे रोजगारोन्मुखी स्वरूप में नये परिवेश व नये क्षेत्र में ले जाकर इसकी अनंत संभावनाओं से समाज समृद्धि खडी करनी चाहिये। इसलिये सहकारिता क्षेत्र और सोसाइटियों के प्रति रिएक्ट नहीं, रिस्पांड करें। उक्त उद्गार कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. उदय जोशी द्वारा व्याख्यानमाला में व्यक्त किये। उन्होंने विश्‍वस्तरीय सहकारिता के संबंध में सम्बाधित करते हुये जापान, इटली, ब्राजील, ब्रिटेन जैसे देशों का जिक्र करते हुये छात्रों को सहकारिता के माध्यम से व्यवसाय चयन कर हजारों-लाखों लोगों के लिये रोजगार जैसे बीमा, पॉवर जनरेट, बिजली वितरण, जल संरक्षण एवं वितरण जैसे नये-नये क्षेत्रों में सृजन करने आगे आने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री विष्णु वोवडे जी ने सहकार भारती के कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला तथा विशिष्ट अतिथि श्री शिवनारायण पाटीदार ने सहकार भारती एवं सहकारिता पर प्रकाशा डाला। मुख्य अतिथि डॉ. रविन्द्र कान्हेरे ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में युवाओं को वर्तमान में पैकेज के पीछे भागने की बजाय स्वरोजगार, स्वावलंबन का मार्ग चुनकर अपनी शिक्षा व सरकार की नीति का लाभ लेकर नौकरी लेने वाले नहीं नौकरी देने वाले, बड़ी सोच व विचार संकल्प से आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष आदित्य नारोलिया ने कहा कि सहकार भारती से समाज में नवीन आर्थिक विकास का नवीन मॉडल व संस्कार से सहकार की योजनाओं से सहकारिता में विश्‍वास जगाने का कार्य कर रही है, जिसकी अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने इस कार्य के लिये सहकार भारती की भूरि-भूरि प्रसंशा कर उज्वल भविष्य की कामना की।

व्याख्यानमाला का शुभारम्भ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं द्वीप प्रज्वलन के बाद किया गया। अतिथियों का स्वागत प्रांत अध्यक्ष श्री बाबूलाल ताम्रकार एवं महानगर अध्यक्ष श्री आशाराम शर्मा ने किया। महाविद्यालय की प्रचार्या श्रीमति दीप्ति नारोलिया ने मंचासीन अतिथियों को शॉल व श्रीफल देकर सम्मानित किया।

राहुल गुप्ता ने सहकार गीत लिया एवं महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वति वंदना की। कार्यक्रम का संचालन मध्य भारत महामंत्री उमाकांत दीक्षित ने किया। कार्यक्रम प्रमुख रूप में विक्रमादित्य महाविद्यालय के छात्र गण एवं प्राध्यापक गण व सहाकार भारती के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे। कोलार जिले के अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र भारती ने आभार व्यक्त किया।

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