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सहकारिता क्षेत्र और सोसाइटियों के प्रति रिएक्ट नहीं, रिस्पोंड करें : प्रो. उदय जोशी

विदिशा : सहकारिता आन्दोलन में समाज के निम्न, मध्यम, वंचित, पिछड़े समाज के स्थायी विकास की असीम क्षमता है, यह व्यवसाय का विकेन्द्रित प्रजातान्त्रिक प्रक्रिया है, भारत में सहकारिता ने दुग्ध, खाद, क्रेडिट पेम्स, हाउसिंग, बुनकर, मत्स्य, जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट स्थान बनाया है। आवश्यकतानुसार इसे रोजगारान्मुख स्वरूप में नए परिवेश व नए क्षेत्र में ले जाकर इसकी अनंत संभावनाओं से समाज समृद्धि बड़े पैमाने पर करनी चाहिए। इसलिए सहकारिता क्षेत्र और सोसाइटियों के प्रति रिएक्ट नहीं, रिस्पोंड करें। उक्त उद्गार लक्ष्मणराव इनामदार जन्मशताब्दी समारोह के अंतर्गत आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में स्थानीय सम्राट अशोक अभियांत्रिकीय संस्थान के कैलाश सत्यार्थी हॉल में छात्र / छात्राओं, प्राध्यापकों तथा प्रबुद्ध जनों को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने विश्वस्तरीय सहकारिता के सन्दर्भ में वार्ता करते हुए, जापान, इटली, ब्राजील, ब्रिटेन जैसे देशों, का जिक्र करते हुए छात्रों को सहकारिता के माध्यम से व्यवसाय चयन कर हजारों-लाखों लोगों के लिए रोजगार सृजन करने बीमा, पॉवर जनरेटर, बिजली डिस्ट्रीब्यूशन, जल संरक्षण, एवं वितरण जैसे नए-नए क्षेत्रों में आगे आने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में सहकार भारती के पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री मा. विजय देवांगन ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में युवाओं को कहा कि  वर्तमान दुनिया के कोई भी देश सभी बेरोजगार युवक / युवतियों को रोजगार नहीं दे सकती। हमें पैकेज की पीछे भागने की बजाय स्वरोजगार, स्वावलंबन का मार्ग चुनकर अपनी शिक्षा व सरकार की नीति का लाभ लेकर नौकरी लेने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें। सोच व विचार की संकल्पना से आगे आना चाहिए। उन्होंने सहकारिता को भारत की स्वरोजगार की जीवन रेखा बता कर भारतीय जीवन की शैली के रूप में आर्थिक समृद्धि के लिए अनऑर्गनाइज्ड क्षेत्रों में सहकारिता से समृद्धि के लिए प्रयास करने की बात करते हुए वी.जी. कुरियन, मो. युनिस, विभुवनभाई पटेल जैसे मनुष्यों से सीख लेकर कार्य करने की दिशा सुनिश्चित कर असीम संभावना वाले सहकारिता में विश्वासपूर्वक कार्य करने के लिए आगे आने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना के साथ हुआ। सहकार भारती के मध्य भारत प्रान्त अध्यक्ष बाबूलाल ताम्रकार ने स्वागत भाषण व्यक्त किया। मंचासीन अतिथियों का परिचय मध्य भारत प्रान्त के महामंत्री उमाकांत दीक्षित ने कराया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर पालिका के अध्यक्ष मुकेश टंडन जी ने कहा कि सहकार भारती / सहकारिता से समाज में नवीन आर्थिक विकास, नवीन मॉडल व संस्कार से सहकार की योजना से सहकारिता में विश्वास जगाने का सराहनीय कार्य कर रही है, जिसकी अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने इस कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम में एस.ए.टी.आई. के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स की ओर से डॉक्टर लक्ष्मीकांत जी ने संस्थान की ओर से स्वागत व धन्यवाद ज्ञापित कर इस प्रकार की व्याख्यानमाला की आवश्यकता बताकर पुनश्‍च व्याख्यान आयोजित करने की बात कही। मंच का संचालन प्रांतीय उपाध्यक्ष गजेन्द्र गौतम ने किया । एकल प्रेरणा गीत की प्रस्तुति राहुल के. के. गुप्ता ने की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित सहकार भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष मांडगे जी, सहकार भारती के प्रदेश अध्यक्ष शिवनारायण पाटीदार मंच पर उपस्थित थे। कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिक एवं एस. ए. टी. आई. विदिशा के छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम का आभार एस.ए.टी.आई. के प्राचार्य चौहान साहब ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सहकार मन्त्र के साथ हुआ।

 

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